जैसी करनी वैसी भरनी - अपने भाग्य पर नहीं, बल्कि परिश्रम पर विश्वास करें!

जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे – भाग्य से नहीं, कर्म से मिलती है सफलता!

जीवन में शुरुआत तो होती है हमारे अपने रास्ते के चुनाव से, पर बाद में वही रास्ता हमारा चुनाव करता है। रास्ता तो हम कोई भी चुन सकते है, पर रास्ते की उलझनें, परेशानियों आदि का हमें कोई पता नहीं होता। हम समस्याओं का सामना करते जाते हैं और बस चलते जाते हैं। इसी तरह गुजरते हुए हम अपनी नियति पाते हैं। स्पष्ट है कि हमारी आज की करनी हमारा कल का भविष्य तय करती है। यह तो ऐसा ही है जैसे बीज वर्तमान में बोओ और फसल भविष्य में काटो। विगत का असर वर्तमान पर होगा और वर्तमान भविष्य को प्रभावित करता है। हमारा जीवन इन्हीं विगत, प्रस्तुत और आगत घटनाओं की आवृत्ति, पुनरावृत्ति और प्रवृत्ति पर बनता है। जीवन को उत्कृष्ट बनाने की चाहत है तो आज पर ध्यान दें क्यूंकि एक सुदृढ वर्तमान से ही एक बेहतर भविष्य का निर्माण हो सकता है।

आप अपने काम से भाग नहीं सकते। अपने भाग्य पर भरोसा करके बैठने की बजाय हमें देखना चाहिए कि पहले हमने क्या किया, अब क्या कर रहे हैं और आगे क्या करना होगा। हमें इन तीनों कालों में अपनी करनी का प्रभाव देखना पड़ेगा, तभी हम जीवन में सुखी रह सकते हैं। इसी विश्लेषण से हमें अपने जीवन की सारी निराशाओं और हताशाओं का जवाब मिल जाएगा।

Also Read: जैसी संगत, वैसी रंगत – जीवन में संगति का महत्व!

ऑल इंडिया सर्विस एग्जामिनेशन में 600 पदों के लिए नौ से दस लाख प्रत्याशी हर वर्ष बैठते हैं। पहले वे प्रारंभिक परीक्षा पास करते है, फिर मुख्य परीक्षा में बैठते हैं। वांछित पद संख्या से तिगुने इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने को चुने जाते हैं, यानी यह स्पष्ट होता है कि तीन में से एक ही चुना जाएगा। वाकई सारे पुरस्कार, सफलताओं इत्यादि पर विजेताओं का ही हक होता है, अन्य प्रत्याशियों का नहीं। शीर्ष पर तो आप तभी पहुंच सकते हैं, जब आपमें समर्पण का भाव हो, पूर्ण निष्ठा हो, आत्म अनुशासन हो तथा मजबूत संकल्प-शक्ति हो।

याद रखें, यह हमारा जीवन है, जो हमें एक बार ही मिलता है। इसको उत्कृष्ट बनाने के लिए हमें उत्कृष्ट प्रयत्न भी करने पड़ेंगे, चाहे कोई भी क्षेत्र हो। जब भी हम कोई काम करते हैं, तो असफल होने की आशंका तो उसमें रहती ही है, पर इसके कारण हम प्रयास करना तो नहीं छोड़ सकते। हम सब अच्छा होने की बात तो हमेशा सोचते रहते हैं, पर अपनी अपेक्षा के अनुसार प्रयत्न नहीं करना चाहते। बाधाएं आने पर उनके समाधान में जुट जाएं और यदि जरूरी हो तो नए रास्ते पर भी चलने से परहेज न करें। अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने के लिए कोई नियम-कानून नहीं होते, आपको अपने ही नियम सोचने और बनाने पड़ते हैं। प्रथम होने के लिए प्रथम बनने के तौर-तरीकों पर अमल करें, तभी आप उत्कृष्टता प्राप्त करने का सफल प्रयास कर सकते हैं।

Image Courtesy: Parasdham.

Leave your vote

0 points
Upvote Downvote

Comments

0 comments

Reply

Ad Blocker Detected!

Refresh

Log in

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy