Guru Dattatreya Story in Hindi - भगवान दत्तात्रेय के २४ गुरु और जन्म की कहानी

भगवान दत्तात्रेय की कहानी – कौन थे भगवान दत्तात्रेय और इनके 24 गुरु?

दत्तात्रेय को शिव का अवतार माना जाता है, लेकिन वैष्णवजन उन्हें विष्णु के अंशावतार के रूप में मानते हैं। उनके शिष्यों में भगवान परशुराम का भी नाम लिया जाता है। तीन धर्म (वैष्णव, शैव और शाक्त) के संगम स्थल के रूप में त्रिपुरा में उन्होंने लोगों को शिक्षा-दीक्षा दी। दत्तात्रेय के २४ गुरु | दत्तात्रेय के २४ गुरु

तंत्र से जुड़े होने के कारण दत्तात्रेय को नाथ परंपरा और संप्रदाय का अग्रज माना जाता है। इस नाथ संप्रदाय की भविष्य में अनेक शाखाएं निर्मित हुईं। भगवान दत्तात्रेय को नवनाथ संप्रदाय से संबोधित किया गया है। भगवान दत्तात्रेय की जयंती मार्गशीर्ष माह में मनाई जाती है। दत्तात्रेय के २४ गुरु

दत्तात्रेय में ईश्वर और गुरु दोनों रूप समाहित हैं। इसीलिए उन्हें परब्रह्ममूर्ति सद्गुरु और श्रीगुरुदेवदत्त भी कहा जाता है। उन्हें गुरु वंश का प्रथम गुरु, साधक, योगी और वैज्ञानिक माना जाता है। हिंदू धर्म के त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश की प्रचलित विचारधारा के विलय के लिए ही भगवान दत्तात्रेय ने जन्म लिया था, इसलिए उन्हें त्रिदेव का स्वरूप भी कहा जाता है। दत्तात्रेय को शैवपंथी शिव का अवतार और वैष्णवपंथी विष्णु का अंशावतार मानते हैं। भगवान दत्तात्रेय से वेद और तंत्र मार्ग का विलय कर एक ही संप्रदाय निर्मित किया गया था। दत्तात्रेय के २४ गुरु

Also Read: भगवान दत्तात्रेय के जन्म की कहानी – जब एक सती के तप से त्रिदेव बन गए शिशु! | दत्तात्रेय के २४ गुरु

भगवान दत्तात्रेय की शिक्षा और दीक्षा… | दत्तात्रेय के २४ गुरु

भगवान दत्तात्रेय ने जीवन में कई लोगों से शिक्षा ली। दत्तात्रेय ने अन्य पशुओं के जीवन और उनके कार्यकलापों से भी शिक्षा ग्रहण की। दत्तात्रेयजी कहते हैं कि जिससे जितना-जितना गुण मिला है, उनको उन गुणों को प्रदाता मानकर मैंने उन्हें अपना गुरु माना है। इस प्रकार मेरे 24 गुरु हैं। पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, चंद्रमा, सूर्य, कपोत, अजगर, सिंधु, पतंग, भ्रमर, मधुमक्खी, गज, मृग, मीन, पिंगला, कुररपक्षी, बालक, कुमारी, सर्प, शरकृत, मकड़ी और भृगी। दत्तात्रेय के २४ गुरु

पुराणों के अनुसार इनके तीन मुख, छह हाथ वाला त्रिदेवमयस्वरूप है। चित्र में इनके पीछे एक गाय तथा इनके आगे चार कुत्ते दिखाई देते हैं। औदुंबर वृक्ष के समीप इनका निवास बताया गया है। विभिन्न मठ, आश्रम और मंदिरों में इनके इसी प्रकार के चित्र का दर्शन होता है। भगवान दत्तात्रेय के चित्र से उनका अद्भुत संतुलनकारी व्यक्तित्व प्रकट होता है। | दत्तात्रेय के २४ गुरु

Image Courtesy: Maa Durga Wallpaperदत्तात्रेय के २४ गुरु | दत्तात्रेय के २४ गुरु

Reply