इतिहास में अमर रहेंगे इन पांच सतियों के नाम - हिन्दू धर्म की 5 महान पतिव्रता नारियाँ

पंच सती – इतिहास में अमर रहेंगी ये पांच महान पतिव्रता नारियाँ!

पति या पत्नी में एकनिष्ठता को हिंदू धर्म में सर्वोच्च चारित्रिक आदर्श माना जाता है। यूं तो भारत में ऐसी हजारों महिलाएं हुई हैं जिनके पतिव्रत पालन की मिसाल दी जाती है, लेकिन उनमें से भी कुछ ऐसी हैं जो इतिहास का अमिट हिस्सा बन चुकी हैं। हिंदू इतिहास के अनुसार इस संसार में पांच सती हुई हैं, जो क्रमश: इस प्रकार हैं: पांच सतियों के नाम

1- अनुसूया (ऋषि अत्रि की पत्नी
2- द्रौपदी (पांडवों की पत्नी) | पांच सतियों के नाम
3- सुलक्षणा (रावण पुत्र मेघनाद की पत्नी) | पांच सतियों के नाम
4- सावित्री (जिन्होंने यमराज से अपना पति वापस ले लिया था)
5- मंदोदरी (रावण की पत्नी) | पांच सतियों के नाम

इतिहास में अमर रहेंगे इन पांच सतियों के नाम!

अनुसूया

पतिव्रता देवियों में अनुसूया का स्थान सबसे ऊंचा है। वे अत्रि ऋषि की पत्नी थीं। एक बार सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती में यह विवाद छिड़ा कि सर्वश्रेष्ठ पतिव्रता कौन है? अंत में तय यही हुआ कि अत्रि पत्नी अनुसूया ही सर्वश्रेष्ठ पतिव्रता हैं। पांच सतियों के नाम

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द्रौपदी

पांच पांडवों की पत्नी द्रौपदी को सती के साथ ही पांच कुवारी कन्याओं में भी शामिल किया जाता है। द्रौपदी के पिता पांचाल नरेश राजा द्रुपद थे। एक प्रतियोगिता के दौरान अर्जुन ने द्रौपदी को जीत लिया था। पांडव द्रौपदी को साथ लेकर माता कुंती के पास पहुंचे और द्वार से ही अर्जुन ने पुकार कर अपनी माता से कहा, “माते! आज हम लोग आपके लिए एक अद्भुत भिक्षा लेकर आए हैं।” इस पर कुंती ने भीतर से ही कहा, “पुत्रों! तुम लोग आपस में मिल बांट उसका उपभोग कर लो।” बाद में यह ज्ञात होने पर कि भिक्षा वधु के रूप में है, कुंती को अत्यंत दुख हुआ किंतु माता के वचनों को सत्य सिद्ध करने के लिए द्रौपदी ने पांचों पांडवों को पति के रूप में स्वीकार कर लिया। पांच सतियों के नाम

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सुलक्षणा

रावण के पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत) की पत्नी सुलक्षणा को पंच सती में शामिल किया गया है। राम-रावण युद्ध में इंद्रजीत की सफलताओं का एक बड़ा कारण सुलक्षणा की एकनिष्ठता को ही माना जाता है। पांच सतियों के नाम

सावित्री

महाभारत के अनुसार सावित्री राजर्षि अश्वपति की पुत्री थी। उनके पति का नाम सत्यवान था जो वनवासी राजा द्युमत्सेन के पुत्र थे । सावित्री के पति सत्यवान की असमय मृत्यु के बाद सावित्री ने अपनी तपस्या के बल पर सत्यवान को पुनर्जीवित कर लिया था। इनके नाम से वट सावित्री नामक व्रत प्रचलित है जो महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती है। पांच सतियों के नाम

मंदोदरी

मंदोदरी रामायण के पात्र, लंकापति रावण की पत्नी थी। हेमा अप्सरा से उत्पन्न रावण की पटरानी, जो मेघनाद की माता तथा मयासुर की कन्या थी, रावण को सदा अच्छी सलाह देती थी। कहा जाता है कि अपने पति के मनोरंजनार्थ इसी ने शतरंज के खेल का प्रारंभ किया था। इसकी गणना भी पंचकन्याओं में है। सिंघलदीप की राजकन्या और एक मातृका का भी नाम मंदोदरी था। पांच सतियों के नाम

Image Courtesy: Katha Kids. पांच सतियों के नाम |पांच सतियों के नाम

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