मकर संक्रांति के दिन लें ये विशेष आहार, आएगी ठण्ड में भी गर्मी की बयार!

मकर संक्रांति के ये तीन विशेष आहार, लायेंगे ठण्ड में भी गर्मी की बयार!

आज की युवा पीढ़ी भले ही पुरानी मान्यताओं को ढकोसला मानती हो, मगर सच तो यह है कि हमारे यहां जितने भी पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं, उनके पीछे कुछ-न-कुछ खास उद्देश्य होता है। मकर संक्रांति को ही लीजिए। यह पर्व माघ मास में मनाया जाता है, जोकि सबसे अधिक ठंड वाला महीना होता है। इस महीने में मनाई जाने वाली मकर संक्रांति के अवसर पर शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए तिल, चावल, उड़द की दाल एवं गुड़ का सेवन किया जाता है, ताकि लोग पर्व के बहाने पूरे महीने तिल और गुड़ से बनी चीजों का सेवन कर सकें। आज भी गांव-घरों में लोग संक्रांति से पहले से ही गुड़ की बनी चीजों का सेवन करने लगते हैं। इसमें मुरमुरे से बने लड्डू और मूंगफली खास होती है।

मकर संक्रांति में इन खाद्य पदार्थों के सेवन का धार्मिक आधार तो है ही, साथ ही साथ इनका भौतिक आधार भी है। मकर संक्राति के नाम, तरीके और खानपान में अंतर के बावजूद सभी में एक समानता यह है कि इसमें व्यंजन तो अलग-अलग होते हैं किंतु उनमें प्रयोग होने वाली सामग्री एक-सी होती है। देश भर में लोग अलग-अलग रूपों में तिल, चावल, उड़द की दाल एवं गुड़ का सेवन करते है। इन सभी सामग्रियों में सबसे ज्यादा महत्व तिल का दिया गया है। इस दिन कुछ अन्य चीज भले ही न खाएं किंतु किसी न किसी रूप में तिल अवश्य खाया जाता है। मकर संक्रांति में जिन चीजों को खाने में शामिल किया जाता है, वह पौष्टिक होने के साथ ही साथ शरीर को गर्म रखने वाले पदार्थ भी हैं।

सर्दी में रामबाण है तिल…

सर्दियों में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। प्रोटीन, कैल्शियम और बी-काम्प्लेक्स से युक्त तिल के सेवन से मानसिक दुर्बलता एवं तनाव दूर होता है। इसलिए तिल के बने व्यंजन सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद माने गए हैं। पाचन क्षमता को तेज करने के साथ-साथ तिल रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। पचास ग्राम तिल रोजाना सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की आवश्यकता पूरी होती है।

मूंगफली है प्रोटीन का सस्ता साधन…

‘गरीबों का बादाम’ कही जाने वाली मूंगफली का भी कोई जवाब नहीं है। टाइमपास मूंगफली प्रोटीन का एक सस्ता विकल्प है। मकर संक्रांति के समय मूंगफली व गुड़ से बनी चिक्की बाजारों में खूब बिकती है। गुड़ के साथ मूंगफली का सेवन करने से शरीर को भरपूर प्रोटीन मिलता है।

पहचानिए गुड़ का गुण…

गुड़ का सेवन करने से शरीर में होने वाले कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं। इसको खाने से पाचन में मदद मिलती है और कफ तथा जुकाम से भी सुरक्षा होती है। साथ ही साथ यह शरीर में आयरन की कमी को भी दूर करता है।

इनका भी है महत्व…

तिल के अलावा मकर संक्रांति के अवसर पर खजूर, उड़द की दाल, मक्के का लावा भी सर्दी के मौसम से राहत देते हैं। मकर संक्रांति में बिहार और उत्तर प्रदेश में इस दिन चावल और उड़द की दाल से खिंचड़ी बनाई जाती है, जबकि दक्षिण भारत में मकर संक्रांति के दिन गुड़, चावल एवं दाल से पोंगल बनाया जाता है। पंजाब में इस पर्व में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में मक्के की रोटी एवं सरसों के साग को विशेष तौर पर शामिल किया जाता है। सरसों का साग और मक्के की रोटी में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जिससे शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है। वहीं दूसरी तरफ इस दिन पंजाब एवं हरियाणा के लोगों में तिलकूट, रेवड़ी और गजक खाने की परंपरा है।

Image Courtesy: saloni_desai/flickr

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