हर समस्या में ढूंढें आनंद और विकल्प – Every Problem Has a Solution!

एक संकरी पहाड़ी पर एक एंबुलेंस जा रही थी। अचानक एक मोड़ पर भेड़ों का एक बड़ा सा झुंड सामने आ गया। ड्राइवर चिढ़ने लगा। उसने जोर-जोर से हॉर्न बजाना शुरू किया। उसकी चिढ़ देख गड़रिया मुस्कराया। फिर उसने भेड़ों को थोड़ा पीछे किया और गाड़ी को जगह दे दी। अब इस घटना के बारे में सोचिए और विचार कीजिए। स्वयं से प्रश्न कीजिए:

# हम एक परंपरागत आम हल के कितने अभ्यस्त हैं?
# हम किसी भी समस्या के समाधान का एक मानक हल ही क्यों खोजते हैं?
# मैं अपने काम में ऐसी कौन-कौन सी समस्याएं देखता हूँ?
# मैं अपनी समस्याओं के समाधान के कौन-कौन से तरीके ढूंढ़ता हूँ?
# मेरी समस्याओं को हल करने के कितने-कितने विकल्प हो सकते हैं?
# क्या मैं किसी एक समस्या को किसी एक निश्चित ढंग से ही हल करने का आदी हूँ?
# वास्तव में समस्या है क्या और मेरा समस्या से क्या तात्पर्य है?
# मेरी व्यक्तिगत समस्या पारिवारिक समस्या से कितनी भिन्न है?
# स्वयं की समस्याओं की एक सूची बनाकर उनका वर्गीकरण कीजिए और देखिए कि इन्हें हल करने के कितने-कितने ढंग हैं?

वास्तव में समस्याएं हमारे जीवन का एक छोटा सा हिस्सा होती हैं। जीवन में समस्या आने का अर्थ है कि आपकी ज़िन्दगी और अधिक बेहतर होने वाली है। याद रखें कि प्रत्येक समस्या के भीतर ही उसका समाधान छिपा हुआ होता है। समस्याओं को बहुत ही शांत और संयम भाव से लेना चाहिए। यही कारण है कि विवेकशील प्राणी समस्या का हल बड़े ही आनंद से कर लेते हैं।

Image Courtesy: Pixabay.

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