Diabetes Diet in Hindi - शुगर के रोगी सफ़र में रखें अपने आहार का विशेष ध्यान!

शुगर कम करने के उपाय – मधुमेह रोगी सफ़र में रखें अपना विशेष ध्यान!

35 साल के मैकेनिकल इंजीनियर सौरभ इस बार ऑफिस की ट्रिप को लेकर खासे उत्साहित हैं, लेकिन कुछ महीने पहले तक ऐसा नहीं था। पहले जब भी उन्हें कहीं घूमने जाना होता था तो वह परेशान हो जाते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि सौरभ मधुमेह से ग्रस्त हैं और उन्हें अकसर सफ़र के दौरान खाने में अनियमितता का सामना करना पड़ता था। लेकिन कुछ दिन पहले एक दोस्त ने सौरभ को एक ऐसी सलाह दी जिससे सफ़र के दौरान रक्त शर्करा (Blood Sugar) के उतार-चढ़ाव की समस्या को हल करने में सौरभ को काफी मदद मिली है।

दरअसल, सौरभ का दोस्त भी मधुमेह से पीड़ित है, लेकिन वह इस समस्या का सामना बखूबी कर रहा है। अकसर मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए सफ़र शारीरिक परेशानी का सबब बन जाता है क्योंकि इस दौरान खाने की अनियमितता और बाहर का अस्वस्थ भोजन खाकर रक्त शर्करा की समस्या हो जाती है। मधुमेह में रक्त शर्करा के उतार-चढ़ाव की समस्या को दूर करने के लिए सबसे सरल और बढ़िया तरीका है सेहतमंद स्नैक्स अपने आहार में शामिल करना। रेशा (Fiber), कम वसा और कम कैलोरी युक्त सेहतमंद स्नैक्स भोजन के अंतराल में खाना एक बेहतरीन विकल्प है। मधुमेह रोगियों के लिए तो सफ़र के दौरान ये सेहतमंद स्नैक्स एक वरदान हैं।

सेहतमंद स्नैक्स है वरदान…

लोग अकसर स्नैक्स को सिर्फ जंक भोजन जैसे पिज्जा, बर्गर, चिप्स, समोसा, कचौड़ी से जोड़कर देखते आए हैं। ये खाद्य पदार्थ न सिर्फ ढ़ेर सारी कैलोरी और वसा बढ़ाते हैं बल्कि मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों को भी जन्म देते हैं। लेकिन सेहतमंद स्नैक्स के बढ़ते चलन ने अब मधुमेह से पीड़ित लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। मुख्य भोजन के बीच में लिये जाने वाले ये स्नैक्स मधुमेह रोगियों के लिए वरदान है। ये स्नैक्स न सिर्फ भूख को कम करने में मददगार हैं बल्कि रक्त शर्करा के स्तर को भी ठीक रखने का काम करते हैं। मधुमेह से ग्रस्त रोगियों के लिए बाज़ार मे कई तरह के स्नैक्स के विकल्प उपलब्ध हैं। मधुमेह के अनुकूल स्नैक्स को बहुत ध्यान से चुनना चाहिए, क्योंकि ये मधुमेह के मरीजों को बहुत से फायदे देने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज का स्तर ठीक रखने में मदद करता है।

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जई और रागी हैं बेहतरीन विकल्प…

स्नैक्स अगर जई और रागी से भरपूर हो तो वो ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम रखने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में पाचन के दौरान शुगर, रक्त में धीरे-धीरे जाता है। अन्यथा स्नैक्स में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट सीधे रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा देता है। रागी में कैल्शियम, फाइबर और ऐंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है। ये ऐंटीऑक्सीडेंट आपको मधुमेह के अलावा भी कई बीमारियों जैसे हृदय, गठिया और अल्ज़ाइमर रोगों से बचाता है। इसके साथ ही मधुमेह के रोगियों को सुबह-सुबह तेज़-तेज़ चलना चाहिए।

संतृप्त वसा से है दिल को ख़तरा…

संतृप्त और ट्रांस फैट रक्त कॉलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाता है। अधिक कॉलेस्ट्रोल से दिल की बीमारी का खतरा बना रहता है। जो लोग मधुमेह से ग्रस्त होते हैं, उन्हें दिल की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए संतृप्त वसा को सीमित मात्रा में लेने से दिल का दौरा कम होने की आशंका रहती है। जई और रागी घुलनशील रेशे के अच्छे स्त्रोत हैं, जो कॉलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार होते हैं। इससे दिल संबंधी बीमारियों को भी रोका जा सकता है। अब जब कभी भी आप कहीं घूमने जाने की योजना बनाएँ तो बेहतर होगा कि बेक्ड स्नैक्स जिसमें वसा और कैलोरी कम हो साथ ज़रूर ले जाएं, खासतौर से रागी और जई से बने स्नैक्स। सफ़र पर जाने से पहले ही फाइबर से भरपूर, कम वसा युक्त, ट्रांस वसा फ्री और कम कैलोरी से बने खाद्य पदार्थ खरीद लें ताकि बाद में पछताना न पड़े। तभी आप भी अपने सफ़र का मजा खुल कर ले सकेंगे।

Image Courtesy: Careworld TV.

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