5 Good Parenting Skills in Hindi - बच्चे की सुनो, वो तुम्हारी सुनेगा | पेरेंटिंग टिप्स

पेरेंटिंग टिप्स: बच्चों के साथ न बरतें अधिक सख्ती, हो सकता है नुकसान!

प्राय: बच्चे मना करने के बावजूद वही काम करते हैं, जिसकी उन्हें मनाही होती है। उनके इस व्यवहार से अक्सर अभिभावक चिंतित हो जाते हैं औैर उनके साथ सख्ती से पेश आने लगते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो माता-पिता का ये रवैया बच्चों को बदमिजाज बना देता है। कई बार माता-पिता अपने बड़े होते बच्चों की समस्याओं को समझ नहीं पाते। नतीजतन बच्चों और मां-बाप के रिश्तों में गैप आ जाता है।

Also Read: कहीं खो न जाए मासूमियत – Child Education Tips for Parents

वे हर बात का विरोध करने लगते हैं। किशोर होते बच्चे में यह बदलाव अचानक नहीं होता है, लेकिन पैरेंट्स इस बात को समझ नहीं पाते औैर उनके साथ सख्ती बरतने लगते हैं। इसका सही तरीका यह है कि पैरेंट्स सब्र से काम लें, ताकि बच्चे आपकी बात सुनें और उस पर अमल भी करें।

प्रतियोगिता न करें

कई बार माता-पिता अपने ही बच्चों के बीच कॉम्पिटिशन क्रिएट कर देते हैं। एक-दूसरे की तुलना करने लगते हैं। कभी बच्चों को जल्दी होमवर्क करने में प्रतियोगिता करवाते हैं, तो कभी जल्दी खाने-पीने की चीजों में। आपके इस व्यवहार से बच्चे में हीनभावना आ जाती है और आपको पता भी नहीं चलता। उसके आत्मविश्वास में कमी आने लगती है, जिससे बच्चा बाहर भी मिलने-जुलने और लोगों से बात करने से कतराने लगता है।

क्वालिटी टाइम दें

चाहे आप नौकरीपेशा हों या व्यवसायी, बच्चों के साथ समय बिताना बहुत जरूरी होता है। बच्चे भी चाहते हैं कि उनको मां-बाप का ज्यादा-से-ज्यादा सानिध्य मिले। ऐसा नहीं होने पर भी बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं।

बच्चे के साथ देखें टीवी

बच्चे छोटे हों या बड़े, मां-बाप को चाहिए कि बच्चों के साथ बैठकर टीवी देखें। इससे आप जान सकेंगे कि बच्चा टीवी से क्या अच्छा-बुरा सीख रहा है। बच्चा किन चीजों से अपडेट हो रहा है। उनको वही प्रोग्राम देखने दें, जो ज्ञानवर्धक हों।

कम्यूनिकेशन बढ़ाएं

बच्चों को भी अपनी बातचीत में शामिल करें। उनसे स्कूल की बातें करें और वहां की गतिविधियों के बारे में पूछें। बातचीत का दायरा जितना बढ़ेगा, उतना ही बच्चे खुलकर हर मुद्दे पर आपसे बात कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें: You Are Your Child’s First Teacher: जानिए कैसे करें बच्चों की सही परवरिश!

क्योंकि किशोर होते कई बच्चे अपने अंदर हो रहे हारमोनल परिवर्तन के बारे में बता नहीं पाते। वे इससे संकोच करने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप उनको इससे संबंधित कुछ बातें पहले ही बता दें, ताकि वे भटक न सके। कई बार बच्चों को जब इनसे संबंधित जवाब नहीं मिलता तो वे इंटरनेट, टीवी और दोस्तों की मदद लेने लगते हैं, जोकि बेहद ही खतरनाक है। इससे बच्चा अवसाद में जा सकता है और कुंठा से बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास सही तरह से नहीं हो पाता। इसलिए उनकी जो भी समस्या हो, गौर से सुनें औैर सुलझाने में मदद करें। अगर काउंलसर की जरूरत हो, तो उसकी भी मदद लें।

अपने बच्चे को समझें

आपका बच्चा क्या चाहता है, उसकी रुचि किन चीजों में है, इसे जानने की कोशिश करें। पड़ोसी का बच्चा क्या कर रहा है और क्या नहीं, इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपका बच्चा क्या चाहता है? जिस चीज में उसकी रुचि है, उसी को बढ़ावा दें।

Image: Pixabay.

Leave your vote

-1 points
Upvote Downvote

Comments

0 comments

Reply

Ad Blocker Detected!

Refresh

Log in

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy