Meaning of Indian National Flag Colors in Hindi | Krisuman.com

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा: राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ के रंगों का जीवन में महत्व!

जिंदगी एक इंद्रधनुष है। सात रंग के सपने बुनते हुए हम अपने बीते हुए कल से कुछ सीखते हैं, आज को संवारते हैं और आने वाले कल के लिए उम्मीदों के बीज छोड़ जाते हैं। इन तीन पड़ावों के लिए जिंदगी के इंद्रधनुष से हमें तीन रंगों की जरूरत होती है। शौर्य के लिए केसरिया, सादगी के लिए सफेद और खुशियों के लिए हरा। जिंदगी की आजादी भी शायद इन्हीं तीन रंगों से ही शुरू होती है, लेकिन क्या कोई इन रंगों को हमसे चुरा ले गया है? जीवन को क्यों जरूरत है इन रंगों की, आईये जानें।

15 अगस्त को जश्न-ए-आजादी के रंग में सारी दुनिया फिर से सराबोर होगी। बच्चे-बड़े, बुजुर्ग हर कोई इस रंग में रंगा नजर आएगा। तीन रंगों के झंडे को आसमान में लहराता देख हम गौरवान्वित होंगे। आजादी का एहसास कराते इन रंगों का मेल ही कुछ ऐसा है, जो सबको अपने रंग में रंग देता है। इस रंग में रंगने के बाद हमारे अंदर की सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है। कुछ पल के लिए ही सही, पर तिरंगे को देख कर मन में एक आशा की किरण तो जगती है ही।

सरकारी अव्यवस्था, शासन-प्रशासन की खामियों को लेकर अपनी जिंदगी को कब तक बेरंग करते रहेंगे हम। दूसरों की गलतियों को दिखाने और गिनाने में लगे रहेंगे, तो जीवन में निराशा, क्रोध और तनाव तो आएंगे ही। हर काम के लिए सरकार को कोसते रहने से अच्छा है कि हम भी अपना उत्तरदायित्व समझें। स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका भी तय करें। तिरंगे के तीन रंग यही तो हमें सिखाते हैं। अपने मन के बंधन को तोड़ कर इन तीन रंगों को महसूस तो कीजिए। अगर जिंदगी में ये रंग एक बार फिर से लौट आएं, तो सही मायने में आजादी का अनुभव हो।

त्याग और सक्रियता के लिए केसरिया

तिरंगे का सबसे ऊपर का नारंगी यानी केसरिया रंग देखने में कितना खूबसूरत लगता है न! आखिर हो भी क्यों न! यह रंग है भी तो जीवन में त्याग, वीरता, ज्ञान, प्रकाश और सक्रियता का प्रतीक। यह रंग हमारी जिंदगी में बल, शक्ति और बलिदान को भी दर्शाता है। यह प्रतीक है उस उगते सूरज का, जो पूरे ग्रह को प्राण शक्ति प्रदान करता है। यह रंग जीवन के प्रति ‘उच्चतम विराग’ को दर्शाता है अर्थात् जब आप जीवन में पूरी तरह दिव्यता में डूबे होते हो। इसी कारण आप जीवन में शक्ति प्राप्त करते हो। संत लोग भी नारंगी रंग इसीलिए धारण करते हैं।

किसी भी कार्य में संयमशीलता व विराग की जरूरत होती है। तभी हम जीवन में निष्पक्ष व अनिर्णायक स्थिति को प्राप्त हो सकते हैं। बेशक तिरंगे झंडे का नारंगी रंग हमें स्वतंत्रता में बलिदान दिए गए लोगों की याद दिलाता हो, पर यह रंग हमें अपने वर्तमान जीवन को संवारने का संदेश भी देता है, क्योंकि हम अपने अतीत से सीखते हैं और प्रेरणा प्राप्त करते हैं। इसी रंग से हमारी राष्ट्रभक्ति को भी पोषण मिलता है।

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शक्ति से भरपूर इस खूबसूरत रंग को जीवन में शामिल करना होगा, तभी हम आजादी को सही मायनों में महसूस कर पाएंगे। इस रंग में पहले खुद को रंगे, फिर दूसरों को रंगते चले जाएं। फिर आनंद लें अपने आसपास के सकारात्मक माहौल का, जो आपने तैयार किया है। फिर देखिए, कैसे और लोग आपसे जुड़ते जाएंगे।

शांति और सरलता के लिए सफेद

प्रकृति रंगीन है, लेकिन आजकल की व्यस्त जीवनशैली में इसकी सुंदरता की प्रशंसा करने के लिए हमारे पास समय नहीं है। काम का तनाव, भागदौड़ यानी सब कुछ अव्यवस्थित, जिसका परिणाम तनाव, क्रोध और बीमारी है। ऐसे में हमें जरूरत है अपने जीवन में हर रंग को भरने की। स्वतंत्रता दिवस के बहाने अगर तिरंगे के सफेद रंग को ही अपने जीवन में धारण कर लें, तो रोजाना की बहुत सारी समस्याएं अपने आप सुलझने लगेंगीं। सफेद महज एक रंग नहीं है, बल्कि यह एक पूरी संस्कृति है, जिसमें सारे रंग समाए हुए हैं।

यूं तो जीवन में हर एक रंग का अपना खास महत्व है, लेकिन सफ़ेद रंग का अपना एक अलग ही महत्व है। न केवल यह रंग हमारे मन पर प्रबल प्रभाव डालता है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य को भी काफी हद तक प्रभावित करता है। सफेद रंग मन की शांति के लिए जरूरी है क्योंकि इसके आकर्षक वातावरण में मन प्रसन्न रहता है और उदासी दूर होती है। वास्तव में सफेद रंग सतोगुण, पावन व पवित्रता का प्रतीक है और पवित्रता का आधार है सदाचार, जो हमारे जीवन को स्वच्छ बनाता है। जब हमारे मन में स्वच्छता और पवित्रता आती है, तभी हम सत्कार्य के लिए प्रेरित होते हैं।

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इसके अलावा सफेद सरलता का भी प्रतीक है। जितने भी रंग हैं, सभी रंग श्वेत का ही हिस्सा हैं। यदि सभी रंगों को मिला दिया जाए, तो वे काला रंग बन जाते हैं। जब आपका मन सफेद होता है और चेतना शुद्ध, शांत, प्रसन्न, ध्यान की स्थिति में होती है, तब कई रंग बनकर निकलते हैं। अपने जीवन में भी हम अनेक रंग देखते हैं और अनेक रोल अदा करते हैं। एक तरफ जहां और रंग जीवन की जटिलता को दर्शाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सफेद सरलता का प्रतीक है। अतः जब आपका दिल शुद्ध होता है, तो आपका जीवन रंगों से भरपूर हो जाता है।

जिस तरह सफेद रंग में सभी रंग समाए हैं, ठीक ऐसे ही हमें अपनी जिंदगी में सारे रंग भरने चाहिए। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि ये रंग हमारी जिंदगी में हमेशा बरकरार रहें। सफेद रंग के प्रयोग से मन की चंचलता समाप्त होती है और व्यक्ति की सोच सकारात्मक बनती है। आंखों को सुकून देता यह रंग हमारी उग्रता को ठंडा कर देता है। इसलिए जिन्हें गुस्सा ज्यादा आता हो, उनको अपने आसपास सफेद रंग ज्यादा रखना चाहिए। इसको धारण करने से बहुत सारी बीमारियां दूर होती हैं। इसी वजह से अस्पतालों में सफेद या हरे रंग को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, ताकि यहां रहने वाले लोगों को सुकून महसूस हो। चर्च आदि में कैंडल भी सफेद रंग के ही जलाए जाते हैं क्योंकि इससे मन को शांति मिलती हैं। अगर आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आता हो, तो आप सफेद रंग के वस्त्र पहनें। अपने आसपास सफेद की अधिकता रखें, क्योंकि इसको देख कर आपका मन शांत होगा और आप सकारात्मक सोचेंगे।

समृद्धि और हरियाली के लिए हरा

रंगों का हमारे जीवन में खास महत्व है। किसी रंग को देखकर खुशी महसूस होती है, तो कोई रंग तनाव भी दूर करने में सक्षम है। यानी इन्हीं रंगों से रंगी है हमारी जिंदगी। 15 अगस्त के दिन तीन रंगों के तिरंगे को आसमान में लहराता देख हर कोई गौरवान्वित होगा। इस पर्व को लोग मिल-जुलकर सेलिब्रेट भी करेंगे, पर कहीं-न-कहीं देश की व्यवस्था या सिस्टम से निराशा भी रहेगी। लेकिन ज़रा सोचिए इस निराशा से हमें क्या हासिल होगा? शायद कुछ भी नहीं!

फिर क्यों न इस दिवस के बहाने हम अपने अंदर के उस बंधन को तोड़ने की कोशिश करें, जो हमें आजादी महसूस नहीं होने देता। तिरंगे का हरा रंग भी तो हमें यही संदेश देता है कि आप खुद को समृद्ध महसूस करें, खुशियों का खुले दिल से स्वागत करें। मन को शांति और हृदय को शीतलता देने वाले इस रंग की मौजूदगी हर किसी की जिंदगी में जरूरी है।

समस्त प्रकृति भी तो इसी रंग में व्याप्त है। पेड़-पौधे, खेतों की सुंदरता बढ़ाने वाला मधुर रंग है यह, जिसको देखकर व्यक्ति को सुख-शांति, स्फूर्ति मिलती है। यह रंग हमारी समृद्धि का परिचायक है और समृद्धि में ही विकास छिपा है। अगर देश में विकास होगा, तो घर-परिवार और समाज में भी खुशियां आएंगी। जो निराशा आज लोगों में है, वह इसी रंग से दूर होगी। पर सवाल यह है कि इसे अपने जीवन में लाएं कैसे?

सबसे पहले तो अपने आसपास के वातावरण को शुद्ध करने की कोशिश कीजिए। पर्यावरण की स्वच्छता के लिए ज्यादा-से-ज्यादा वृक्ष लगाइए, खुद को प्रकृति से जोड़िए और फिर महसूस कीजिए हरे रंग को। यह रंग न सिर्फ आपके तनाव को दूर करेगा, बल्कि आपको जीने के लिए प्रेरित भी करेगा। नए-नए विचारों का आपके मन में अंकुरण होगा। हरे रंग का मतलब भी है अंकुरण। आज जरूरी है हर एक के मन में इस अंकुर को पैदा करने की। यह अंकुर है राष्ट्रभक्ति और संवेदना का। मन में इसका अंकुरण पैदा करना होगा अभिव्यक्ति के माध्यम से, संवेदना के माध्यम से, राष्ट्रभक्ति के माध्यम से। तभी हम प्रकृति को पोषित कर पाएंगे और आने वाले भविष्य के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर पाएंगे।

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हरा ही क्यों, केसरिया भी तो चाहिए जिंदगी में। तभी तो आप त्याग, बलिदान व स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और दूसरों के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित हो पाएंगे। जब आपके अंदर त्याग की भावना होगी, तभी आप दूसरों के बारे में सोच पाएंगे और यह तभी संभव हो पाएगा, जब आप अपने जीवन में केसरिया रंग को शामिल करेंगे। इस रंग में रंगने के बाद ही आप दूसरों के बारे में सोच पाएंगे। जब मन में अच्छे विचार आएंगे, तो दूसरों के बारे में भी अच्छी बातें सोच पाएंगे। आगे बढ़ते हुए उनको भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर पाएंगे।

हरा और केसरिया रंग यदि आपके जीवन में पूरी तरह से समाहित हो जाए, तो सफेद रंग की निर्मलता, शांति, सदाचार भी आपके जीवन में अपने आप शामिल हो जाएगा। हर किसी की जिंदगी में शुचिता, पवित्रता और स्वच्छता आ जाएगी। जब चित्त की शुद्धि होगी, तो तन-मन भी शुद्ध होगा। मन शुद्ध होगा, तो आप एक स्वच्छ और अच्छे नागरिक बनेंगे। जब सारे रंगों की सकारात्मकता आपके जीवन में होगी, तभी आप औरों के जीवन में रंग भर सकेंगे।

ध्यान दें, बंधनों से मुक्ति ही आजादी है। आपके बंधन हैं लोभ, मोह और अहंकार। इन तीनों बंधनों से खुद को मुक्त करना होगा और जीवन में हर रंग को भरना होगा, तभी आएगी जीवन में आजादी। इन रंगों के माध्यम से लोगों को जीना सिखाना होगा। ये रंग समाज के, परिवार के हर सदस्य में जरूरी हैं। इन रंगों में रंग कर ही देश के स्वस्थ विकास में हम अपना योगदान दे पाएंगे और आजादी के सही मायने महसूस कर पाएंगे।

संभाल कर रखें, यह तिरंगा है!

क्या आपको मालूम है कि तिरंगे झंडे को रखने के भी कुछ नियम है। आईये जानें, इसके रख-रखाव से जुड़ी कुछ जरूरी बातें:

  • Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 की धारा-2 के अनुसार, फ्लैग और संविधान की insult करने वालों के खिलाफ सख्त कानून है।
  • Flag Code of India के तहत झंडे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाएगा।
  • उसे कभी भी पानी में नहीं डुबोया जाएगा और किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। यह नियम भारतीय संविधान के लिए भी लागू होता है।
  • अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसे कपड़ा बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद हुए आर्म्ड फोर्सेज के जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे की insult माना जाएगा।
  • ध्वज का उपयोग सांप्रदायिक लाभ, परदे या वस्त्रों के रूप में नहीं किया जा सकता है।

आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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