New Year Celebration in Different Countries in Hindi: कहाँ होता है कैसा नव वर्ष

एक नज़र : दुनिया के किन देशों में कैसे मनाया जाता है नव वर्ष!

1 जनवरी को मनाया जाने वाला नव वर्ष सिर्फ एक नये साल की शुरुआत भर ही नहीं है, बल्कि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्व भी है। विश्व के कई हिस्सों में तो नया साल एक बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। नव वर्ष की धूम कहीं-कहीं कई दिनों तक चलती रहती है। किस देश में कैसे होता है नव वर्ष का जश्न, आइए जानें इस पोस्ट के माध्यम से…

चीन

चीनी नव वर्ष चीन का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है। चीन में नव वर्ष को चन्द्रमा का नव वर्ष भी कहा जाता है। यह त्योहार चीनी कलैंडर के हिसाब से हर साल पहले मास में मनाया जाता है जो पहले महीने के पहले दिन शुरू होता है और 15 दिनों तक चलता है। इसके आखिरी दिन को लालटेन त्योहार कहा जाता है। यह दिन पूरे चीन मे बडे़ ही जोर-शोर से मनाया जाता है।

थाइलैंड

थाइलैंड में नये साल के त्योहार को ‘सोंगक्रान’ कहते हैं। उनका नये साल का यह त्योहार 13 से 15 अप्रैल तक चलता है। रिवाज के अनुसार सब लोग एक दूसरे पर पानी का छिड़काव करते हैं। बड़ों के पाँव छू कर ग़लतियों के लिए माफ़ी माँगी जाती है और उनके हाथों पर पानी डाला जाता है। वहां के लोग मानते हैं कि इससे आने वाले साल में अच्छी वर्षा होती है। इसके अलावा भगवान बुद्ध की मूर्ति को स्नान भी कराया जाता है।

जापान

जापानी नव वर्ष 29 दिसम्बर की रात से 3 जनवरी तक मनाया जाता है। इस पर्व को यहाँ ′याबुरी′ के नाम से जाना जाता है। घरों, बौद्ध और शितो मंदिरों की बड़े आयोजन के साथ दिसंबर में ही सफ़ाई और सजावट होने लगती है। इस त्योहार का प्रमुख कार्यक्रम होता है साल की अंतिम रात को 12 बजे मंदिर की घंटियों का 108 बार बजना। इन घंटियों की आवाज़ के साथ पूरा राष्ट्र एक साथ नव वर्ष की प्रार्थना करता है। यहाँ तीन दिन तक विशेष भोजन किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में हर नागरिक की इच्छा सिडनी स्थित सिडनी हार्बर ब्रिज पर होने वाला जश्न देखने की होती है। सभी के लिए यह संभव नहीं हो पाता लेकिन आसपास के लोग ज़रूर यहाँ आते हैं। काफ़ी लोग ओपेरा हाउस की तरफ़ से देखते हैं। मुख्य कार्यक्रम आतिशबाज़ियों का होता है। सूरज ढलने के साथ आतिशबाजी शुरू हो जाती है और रात ढलने के साथ इसकी रंगत और बढ़ जाती है। बड़े-बड़े जहाज़ या फिर छोटी नावों में भी लोग देखने आते हैं।

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म्यांमार

म्यांमार में नव वर्ष के उत्सव को ′तिजान′ कहते हैं जोकि तीन दिन चलता है। यह पर्व अप्रैल के मध्य में मनाया जाता है। भारत में होली की तरह म्यांमार में इस दिन एक दूसरे को पानी से भिगोने की परंपरा है। अंतर इतना है कि इस पानी में रंग की जगह इत्र का उपयोग होता है। इसके बाद सभी मित्र व करीबी लोग मिलकर एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर नये साल का मज़ा उठाते हैं।

रूस

रूस में नया साल मनाने की परंपरा तीन सौ साल पहले शुरू हुई। पहली जनवरी को नये साल का त्योहार मनाया जाता है। रूसी सेंटा क्लाज़, जिसे फादर फ्रॉस्ट कहते हैं, सड़कों पर अपनी सजधज और परेड से बच्चों को लुभाते हैं। लोग इस दिन का साल भर बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। 13-14 जनवरी की रात में नया साल दोबारा मनाया जाता है। इसे ‘पुराना नया साल’ कहा जाता है।

ईरान

ईरान में नये साल को ′नौरोज′ कहते हैं। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के दिन यह पर्व मनाया जाता है। उत्सव 12 दिनों तक चलता है। नवरोज़ में मेज़ की सजावट का विशेष महत्व होता है और इसको ‘हफ़्तसिन’ कहते हैं। ‘सिन’ अर्थात ′स′ अक्षर से शुरू होने वाले सात व्यंजन परोसे जाते हैं। त्योहार से पंद्रह दिन पहले गेहूँ के दाने बो दिए जाते हैं। नौरोज़ के दिन मेज़ के चारों ओर बैठकर इन अंकुरों को पानी से भरे बर्तन में परिवार के सभी लोग बारी-बारी से डालते हैं।

स्पेन

स्पेन में इस दिन रात 12 बजे के बाद एक दर्जन ताज़े अंगूर खाने की परंपरा है। इनकी मान्यता है कि ऐसा करने से वे साल भर स्वस्थ रहते हैं। नया साल 31 दिसंबर की रात को मनाया जाता है। सब लोग अपने-अपने अंगूरों के साथ बारह बजने की प्रतीक्षा करते हैं। घड़ी के घंटों के साथ इस विशेष प्रथा का पालन होता है। नियम यह है कि हर घंटे के साथ एक अंगूर मुँह में रखा जाना चाहिए और बारह घंटे पूरे होते ही बारह अंगूर ख़त्म हो जाने चाहिए।

कोलंबिया

यहाँ नये साल पर घर के सदस्यों के कपड़ाें से ‘अनो न्यूइवो’ यानी बीते साल का पुतला बनाया जाता है। इसे रंग-बिरंगे कागज़ और तरह-तरह के पटाखों से सजाया जाता है। एक कागज़ पर अपने नापसंद काम या दुर्भाग्य और बुराइयों के बारे में लिख कर इस पर चिपकाया जाता है ताकि पुतले के साथ उनका भी नाश हो जाये। रात के ठीक बारह बजे ‘अनो न्यूइवो’ को जलाया जाता है।

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दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका में नया साल राष्ट्रीय त्योहार की तरह मनाया जाता है, जिसे ‘क्यूक्वेचवाना’ कहा जाता है। ‘क्यूक्वेचवाना’ से आशय है ज्वार का फल तैयार होने के अवसर पर भगवान को धन्यवाद देने का पर्व। इसी दिन यहाँ का राजा अपनी सेनाओं का निरीक्षण भी करता है और सैनिकों को विवाह करने की अनुमति भी प्रदान की जाती है। इस दिन सामूहिक रूप में विवाह का भी आयोजन होता है।

मिस्र

मिस्र में आज भी पुराने रिवाज के आधार पर नये साल का स्वागत चावल और सिंदूर से किया जाता है ताकि प्रकृति की उम्र और ज्यादा हो और नववर्ष में लोगों की उम्मीदों में वास्तविकता का रंग भर सके।

भारत

यूँ तो यहाँ का नववर्ष चैत्र माह में पहले नवरात्र से शुरू होता है। लेकिन, क्योंकि ‘विविधताओं में एकता’ यहाँ की पहचान है, अलग-अलग सभ्यताओं के लोग यहाँ रहते हैं, इसलिए एक जनवरी जिसे पश्चिमी नववर्ष माना जाता है, भी यहाँ पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत में गोवा के नववर्ष का जश्न खासतौर से प्रचलित है। 31 दिसंबर की रात पार्टियां होती हैं। 12 बजते ही लोग एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर नये साल की बधाई देते हैं। घर के छोटे, बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं।

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

Image Courtesy: Pixabay.

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