SWOT Analysis : सफल होना चाहते हैं तो पहचानें अपनी कमजोरियों को!

कुछ-न-कुछ कमियां तो सभी में होतीं है। जरूरत उनसे बचने की नहीं है, बल्कि उनको पहचान कर उन्हें सुधारने की है। आप कमजोरियों पर विजय पाने के लिए ‘D’ की सीढ़ी का सहारा लें। कमजोरियों को मन के Door (दरवाजा) से बाहर निकालें। उन पर विजय पाने के लिए Desire (इच्छा) रखें। फिर उस Direction (दिशा) में कदम बढ़ाएं और Discipline (अनुशासन) का पालन करें। पूर्ण Dedication (समर्पण) और Determination (दृढ़ता) के साथ यदि आप कोशिश करेंगे तो न सिर्फ आपकी कमजोरियां दूर होंगी, बल्कि इससे आप अपनी Destination (मंजिल) तक भी पहुँच जाएंगे।

हर व्यक्ति में कोई-न-कोई ताकत और कोई-न-कोई कमजोरी होती है। आपकी कोशिश हमेशा यह होनी चाहिए कि आप अपनी कमजोरियों पर विजय पाएं, अन्यथा ये आपको आगे बढ़ने से रोकेंगी। कमजोरियों को पहचानने के लिए निम्न तरीके अपनाएं:

अपनी कमजोरियों को लिखिए

सोचने से कुछ नहीं होगा। कागज-पेंसिल उठाएं और लिखना शुरू कर दें कि आपकी कमजोरियां क्या हैं, यानी वे कौन-सी बातें हैं जो आपको आगे बढ़ने से रोकती हैं। इस संबंध में आप दूसरों की सलाह भी ले सकते हैं।

कमजोरियों का प्रभाव जानिए

अपनी कमजोरियों पर नजर डालने के बाद आप यह जानने की कोशिश करें कि वे किस तरह आपके जीवन पर प्रभाव डालती हैं। जब आप इनके दुष्परिणामों का मनन करेंगे तो इनको दूर करने के लिए आप कदम भी उठाएंगे।

सुधार की ओर बढिए

जब किसी कमजोरी के इतने नुकसान हों, तो फौरन सुधार की तरफ कदम बढ़ाएं। जैसे, वक्त पर काम करने के लिए टाइम-टेबल बनाएं, अंग्रेजी कमजोर हो तो कोचिंग ज्वॉइन करें इत्यादि। इससे न केवल आप सफलता के करीब पहुंचेंगे, बल्कि आपकी हीनभावना भी दूर होगी।

परिणामों का आकलन कीजिए

यदि आपने अपनी कमजोरियों को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ा लिए हैं तो जरूरी है कि आप समय-समय पर परिणामों का आकलन भी करें। मिले सकारात्मक परिणामों से आपका उत्साहवर्द्धन होगा और आपके कदम अपनी मंजिल की तरफ तेजी से बढ़ने लगेंगे।

Image Courtesy: Pixabay.

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